नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की शक्ति, भक्ति और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुशास्त्री राजीव आचार्य अपने लेख में नवरात्रि के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व, मां दुर्गा के नौ स्वरूपों तथा प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की महिमा का वर्णन करते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और शक्ति की विजय का संदेश दिया। वहीं, भगवान श्रीराम की रावण पर विजय भी इसी पर्व के मूल भाव को दर्शाती है।
नवरात्रि के प्रथम दिन पूजित मां शैलपुत्री धैर्य, करुणा और दृढ़ संकल्प की प्रतीक मानी जाती हैं। उनकी उपासना साधक को आध्यात्मिक साधना, मानसिक स्थिरता और आत्मबल की ओर प्रेरित करती है।
राजीव आचार्य का यह लेख नवरात्रि की परंपराओं और उसके आध्यात्मिक संदेश को समझने का अवसर प्रदान करता है।
लेखक: राजीव आचार्य
पहचान: ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुशास्त्री
प्रकाशन: दैनिक जागरण