सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और भक्त उपवास, पूजा-पाठ तथा साधना के माध्यम से देवी की कृपा प्राप्त करते हैं। यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक चिन्ह बनाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि के मार्ग खुलते हैं।इसके साथ ही मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का बंदनवार लगाने से भी घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और माता रानी की कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता है कि आम के पत्तों में देवताओं का निवास माना जाता है, इसलिए यह उपाय घर में शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि विधि-विधान से कलश स्थापित करने से ग्रहों की शुभता बढ़ती है और घर में मानसिक शांति तथा समृद्धि आती है।इन नौ दिनों में मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और साधना करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और परिवार में प्रेम, विश्वास तथा सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनता है।